शिवराज बाबू इतनी जल्दी हार मान गए। तुम अपना अनशन जारी रखो और अपने किसान भाइयों के लिए अपनी जान की बाजी लगा दो।
ऐसे लोमड़ी जैसे कृत्यों से कुछ नहीं होगा। विधानसभा तुम्हारी, लोकसभा तुम्हारी पार्टी की, अब किस पर इल्जाम लगाओगे। बंद करो ये नौटंकी।
मोदी जी क्या हम इस तरह से डिजिटल ट्रांसक्शन की ओर प्रोत्साहित होंगे। मोदी जी भारत की जनता जानती है की भारत में किसी भी क्षेत्र में सुरक्षा नहीं है। गरीबों का पैसा लूटने का नहीं होता खून पसीनो से सीज़ा जाता है उसे और एक पल में ही यदि ऐसे लूट लिए जायेंगे तो हम क्यों करें डिजीटलीकरण?
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